15 अक्टूबर, 2025 को, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ संयुक्त रूप से 1 जनवरी, 2026 को लागू किए गए एलेवेटर साइबर सुरक्षा पर्यवेक्षण विनिर्देश जारी किए। मुख्य सामग्री:

1। स्कोप: IoT, रिमोट कंट्रोल, AI फ़ंक्शन वाले सभी स्मार्ट लिफ्ट;

2। अनिवार्य प्रमाणन: भारतीय BIS साइबर सुरक्षा प्रमाणन पास होना चाहिए, परीक्षण में डेटा एन्क्रिप्शन, एक्सेस कंट्रोल, भेद्यता प्रबंधन, एंटी-हाइजैकिंग, एंटी-टैम्परिंग शामिल हैं;

3। डेटा सुरक्षा: ऑपरेशन डेटा एन्क्रिप्टेड स्टोरेज ≥8 वर्ष, उपयोगकर्ता की गोपनीयता भारतीय DPDP अधिनियम का अनुपालन करती है, अवैध डेटा निर्यात को प्रतिबंधित करती है;

4। भेद्यता प्रतिक्रिया: 24 घंटों के भीतर कमजोरियों की रिपोर्ट करें, 72 घंटों के भीतर पैच जारी करें, सुरक्षा ऑडिट तंत्र स्थापित करें;

5। कार्यान्वयन व्यवस्था: जनवरी 2026 में नए लिफ्ट के लिए अनिवार्य; दिसंबर 2027 तक स्टॉक रूपांतरण पूरा हुआ;

6। जुर्माना: अप्रमाणित बिक्री के लिए 50 मिलियन भारतीय रुपये का जुर्माना, डेटा लीक के लिए 100 मिलियन भारतीय रुपये का जुर्माना, उत्पाद वापस लेना। विनिर्देशों से भारत के स्मार्ट एलेवेटर साइबर सुरक्षा स्तर में सुधार होता है।